” मां – बाप “

जिस बच्चे को दुनिया में लाने के लिएमां सौ दुख झेलती है ,वही मां आज किसी काम की नहीं ,जो बाप बच्चे की हर सुख – सुविधा के लिएअपनी हर खुशी का बलिदान देता है ,उसे ही दुनियादारी की समझ नहीं ,जिस छोटे बच्चे की तुतलाती भाषामां-बाप झट से समझ जाते थे ,आज वही बच्चाContinue reading “” मां – बाप “”

” N R I का दर्द “

बेगानी धरती पर ,बेगाने देश में रहना आसां नहीं ,पर यह दर्द किसी को दिखता नहीं ,दिखता है तो आधुनिक जीवन ,लुभाती है उनकी मोटी इनकम ,हंसते मुस्कुराते चहरों का दर्द देखा है मैंने ,परिजनों से दूर दुख – दर्द अकेले पड़ते हैं सहने ,हर तीज त्योहार में अपनों की याद अकसर आ ही जातीContinue reading “” N R I का दर्द “”

“बिरयानी सी शादी”

आज मेरे लेख का विषय कुछ अटपटा लगेगा आपको और मैं कोशिश करूंगी कि आपको अपना मंतव्य समझा सकूं । बिरयानी का नाम लेते ही मुंह में तरह-तरह के स्वाद घुलने लगते हैं , तीखा , करारा और चटपटा सा । शादी भी तो बिरयानी की तरह ही मसालेदार और चटपटी है, जिसमें तीखा स्वादContinue reading ““बिरयानी सी शादी””

” फिर से बलात्कार “

सोच के दायरे कम होते जा रहे हैं , ऐसी घटनाएं आसपास घट जाती है कि इंसान की सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है । हाथरस में घटी उस भयावह घटना ने मेरे हृदय को झकझोर दिया । कितने ही सालों से हम यह राग अलापते आ रहे हैं की बेटियों की सुरक्षाContinue reading “” फिर से बलात्कार “”