” जाने क्यों “

ऐसे भी हमसे क्या कसूर होते हैं ,जिनसे प्यार हो वही हमसे दूर होते हैं ,दुनिया से क्यों करें शिकवा अब , जानेे क्यों झूठे से लगते हैं रिश्ते सब ,ऐसे भी जाने क्या मजबूरी थी ,उनकी बेवफाई से हम मशहूर होते हैं ।हाथ की लकीरों से क्या करें बंदगी ,पानी सी फिसल रही हैContinue reading “” जाने क्यों “”

” इस्तेमाल “

एक लेखक के मन में सदा ही उथल-पुथल मची रहती है , भावों और विचारों का आवागमन चलता ही रहता है । आज खुद को हम से संबोधित करने की इच्छा जागृत हुई तो ऐसा ही कर रहे हैं । यूं तो हम अक्सर अपने जीवन के अनुभव और प्रसंगों से प्रेरित होकर लेख याContinue reading “” इस्तेमाल “”

” जीने की कला “

मनुष्य को चाहिए सद्भावना जागृत रखना ,अपने और परायों के दुख का ध्यान रखना ।जाने कब टूट जाए भ्रम इस जिंदगी का ,इसलिए हर किसी को अपना बना के रखना ।अपने प्रेम से लोगों के दिल जीत कर ,हर किसी को ह्रदय से लगा कर रखना ।आती है हमेशा बहार के बाद पतझड़ ,बुरे दिनोंContinue reading “” जीने की कला “”

“किसी के जाने का दुख”

” रंगमंच ये दुनिया सारी ,हर इंसान अभिनेता हैअपना – अपना अभिनय करकेहर कोई चल देता है ।” यह दुनिया एक रंगमंच ही तो है जहां पर तरह – तरह के नाटक होते हैं और अनेक कथाओं का जन्म होता है , मनुष्य एक अभिनेता है जो अपना किरदार निभाकर , अभिनय कर , अपनाContinue reading ““किसी के जाने का दुख””

” किसी के जाने का दुख “

” रंगमंच ये दुनिया सारी , हर इंसान अभिनेता हैअपना – अपना अभिनय करकेहर कोई चल देता है ।” यह दुनिया एक रंगमंच ही तो है जहां पर तरह – तरह के नाटक होते हैं और अनेक कथाओं का जन्म होता है , मनुष्य एक अभिनेता है जो अपना किरदार निभाकर , अभिनय कर ,Continue reading “” किसी के जाने का दुख “”

” इंतज़ार “

शुष्क रेगिस्तान को पानी की एक बूंद का इंतज़ार ,खुश्क हुए रिश्तों को प्यार की जलधारा का इंतज़ार ,अनुर्वर धरती को बरखा की फुहार का इंतज़ार ,अवसाद से भरे ह्रदय को प्रसन्नता का इंतज़ार ,एक मां की सूनी कुक्षी को नवजीवन का इंतज़ार ,बिछड़े मित्र को मित्रता के एहसास का इंतज़ार ,अबोध कली को उत्फुल्लContinue reading “” इंतज़ार “”

” Forgiveness “

“Samvatsari” the festival of forgiveness in Jain community was celebrated yesterday in a serene way .To forgive is to ” Pass over a mistake” . We believe and practice that ‘ If we have hurt anybody by our words , actions and deeds anyhow knowingly or unknowingly then kindly forgive us on the auspicious dayContinue reading “” Forgiveness “”