“Insensitive people”

Why people change their behaviourAccording to their necessasity ?In this oppurtunist worldWhy nobody respect someone’s generosity ?Why diligent people are askedTo prove their ability ?Why people manoeuvreSomeone’s proximity ?Why people fakeAnd hide their atrocity ?Why people can’tValue someone’s precocity ?Why people deamanizeSomeone’s virtuosity ?When such people meetAny influential personalityThey materialize their relationsAnd shift their priorityContinue reading ““Insensitive people””

” कानों को चैन “

जो बेचारे कान ,2020 में थे बहुत परेशान ,चश्मे की डंडी और मास्क की डोरी से ,निकल सी रही थी जिनकी जान ,जो उलझन में थे घमासान ,शायद उन कानों को 2021 में आए चैन ,हो जाए खत्म शायद उनका बैन । तरस रहे थे जो बेचारे ,खुसर – फुसर की आवाजों को ,सहेलियों केContinue reading “” कानों को चैन “”

” दिमाग “

दिमाग…. शरीर रूपी मशीन का एक अहम पुर्जा़ ,जो भरता है अंग – प्रत्यंग में ऊर्जा ।बैठाता सभी अंगो का आपस में तालमेल ,पर दिल सदा ही खेल बैठता है इससे खेल ।दिमाग विचार – शक्ति को बनाता है मजबूत ,दिल हो जाता है भावनाओं के वशीभूत ।ना जाने दिल से अलग दिमाग के रस्तेContinue reading “” दिमाग “”

” मतलब की दोस्ती “

कुछ सालों पहले क्या कभी हमने ” मतलब की दोस्ती ” जैसा शब्द सुना था ? यह आधुनिक समाज की देन है । लोग हर रिश्ते के मूल आधार को पीछे छोड़ते आ रहे हैं फिर चाहे वह कोई पारिवारिक रिश्ता हो या दोस्ती का । वह जमाना और था जब ” सुदामा और श्रीकृष्णContinue reading “” मतलब की दोस्ती “”

“आज का बच्चा “

दिमाग ने किया एक सवाल ,क्या है बच्चा ?हमने कहा ,जिसका मन है केवल सच्चा,अनुभवों में जो है कच्चा ,कभी ना दे जो किसी को गच्चा ,शायद यही है एक बच्चा !हां यही है नेक बच्चा । पर…… क्या हम नहीं खेल रहे हैंबच्चों के आने वाले कल से ,भोले – भाले बचपन को ,तहस-नहसContinue reading ““आज का बच्चा “”

” दिवाली “

” दिवाली आती है , मन में उत्साह जगाती है “ यह एक ऐसा वाक्य है जो हम बचपन से सुनते आ रहे हैं परंतु क्या आज की युवा पीढ़ी दिवाली के लिए उतनी उत्साहित होती है जितनी हम हुआ करते थे ? क्या आज की युवा पीढ़ी दिवाली आने से पहले उसकी तैयारियों मेंContinue reading “” दिवाली “”