” कानों को चैन “

जो बेचारे कान ,2020 में थे बहुत परेशान ,चश्मे की डंडी और मास्क की डोरी से ,निकल सी रही थी जिनकी जान ,जो उलझन में थे घमासान ,शायद उन कानों को 2021 में आए चैन ,हो जाए खत्म शायद उनका बैन । तरस रहे थे जो बेचारे ,खुसर – फुसर की आवाजों को ,सहेलियों केContinue reading “” कानों को चैन “”

” दिमाग “

दिमाग…. शरीर रूपी मशीन का एक अहम पुर्जा़ ,जो भरता है अंग – प्रत्यंग में ऊर्जा ।बैठाता सभी अंगो का आपस में तालमेल ,पर दिल सदा ही खेल बैठता है इससे खेल ।दिमाग विचार – शक्ति को बनाता है मजबूत ,दिल हो जाता है भावनाओं के वशीभूत ।ना जाने दिल से अलग दिमाग के रस्तेContinue reading “” दिमाग “”

“आज का बच्चा “

दिमाग ने किया एक सवाल ,क्या है बच्चा ?हमने कहा ,जिसका मन है केवल सच्चा,अनुभवों में जो है कच्चा ,कभी ना दे जो किसी को गच्चा ,शायद यही है एक बच्चा !हां यही है नेक बच्चा । पर…… क्या हम नहीं खेल रहे हैंबच्चों के आने वाले कल से ,भोले – भाले बचपन को ,तहस-नहसContinue reading ““आज का बच्चा “”

” सपने “

क्या आप सपनों को सुन पाते हैं ?क्या वह आपको कुछ कह पाते हैं ?जाने मेरे सपनों से क्या नाते हैं ,वो मुझे बहुत कुछ कह जाते हैं ,होने वाला अनदेखा बता जाते हैं ,आने वाली परेशानी से चेता जाते हैं ,आने वाली खुशियों की झलक दिखला जाते हैं ,कहते हैं सपने सबको आते हैंContinue reading “” सपने “”

“आंसू “

खारे खारे से आंसू ,एक सशक्त सहारे आंसू ,काश तुम बोल पाते ,मन की गिरह खोल पाते ,यूं तो अविरल बहते जाते हो ,हर सुख – दुख में साथ निभाते हो ,किसी पर हुए अन्याय को सह ना पाते हो ,मन के कृंदन को तुम्ही तो दर्शाते हो ,पर कुछ कह क्यों ना पाते होContinue reading ““आंसू “”

” मां – बाप “

जिस बच्चे को दुनिया में लाने के लिएमां सौ दुख झेलती है ,वही मां आज किसी काम की नहीं ,जो बाप बच्चे की हर सुख – सुविधा के लिएअपनी हर खुशी का बलिदान देता है ,उसे ही दुनियादारी की समझ नहीं ,जिस छोटे बच्चे की तुतलाती भाषामां-बाप झट से समझ जाते थे ,आज वही बच्चाContinue reading “” मां – बाप “”

” N R I का दर्द “

बेगानी धरती पर ,बेगाने देश में रहना आसां नहीं ,पर यह दर्द किसी को दिखता नहीं ,दिखता है तो आधुनिक जीवन ,लुभाती है उनकी मोटी इनकम ,हंसते मुस्कुराते चहरों का दर्द देखा है मैंने ,परिजनों से दूर दुख – दर्द अकेले पड़ते हैं सहने ,हर तीज त्योहार में अपनों की याद अकसर आ ही जातीContinue reading “” N R I का दर्द “”

” बिटिया “

वैसे तो प्रत्येक दिन बेटियों के लिए खास होता है परंतु आज के दिन की बात ही कुछ और है और आज मेरे लिए ज्यादा खास है क्योंकि आज संयोगवश मेरी बिटिया का जन्म दिवस है । अपनी बिटिया और हर एक बेटी के लिए आज की कविता मां की कलम से। बेटी है भगवानContinue reading “” बिटिया “”

” इंसान का जिस्म “

इंसान का जिस्म क्या है ?जिस पर इतराता है जहां ,बस एक मिट्टी की इमारत ,एक मिट्टी का मकां ,खून तो गारा है इसमेंऔर ईंटे है हड्डियां ,चंद सांसों पर खड़ा है ,यह ख्याली आसमां ,मौत की पुरजो़र आंधीइससे जब टकराएगी ,जितनी भी महंगी हो ये इमारत टूटकर बिखर जाएगी ।