“आंसू “

खारे खारे से आंसू ,एक सशक्त सहारे आंसू ,काश तुम बोल पाते ,मन की गिरह खोल पाते ,यूं तो अविरल बहते जाते हो ,हर सुख – दुख में साथ निभाते हो ,किसी पर हुए अन्याय को सह ना पाते हो ,मन के कृंदन को तुम्ही तो दर्शाते हो ,पर कुछ कह क्यों ना पाते होContinue reading ““आंसू “”

” मां – बाप “

जिस बच्चे को दुनिया में लाने के लिएमां सौ दुख झेलती है ,वही मां आज किसी काम की नहीं ,जो बाप बच्चे की हर सुख – सुविधा के लिएअपनी हर खुशी का बलिदान देता है ,उसे ही दुनियादारी की समझ नहीं ,जिस छोटे बच्चे की तुतलाती भाषामां-बाप झट से समझ जाते थे ,आज वही बच्चाContinue reading “” मां – बाप “”

” N R I का दर्द “

बेगानी धरती पर ,बेगाने देश में रहना आसां नहीं ,पर यह दर्द किसी को दिखता नहीं ,दिखता है तो आधुनिक जीवन ,लुभाती है उनकी मोटी इनकम ,हंसते मुस्कुराते चहरों का दर्द देखा है मैंने ,परिजनों से दूर दुख – दर्द अकेले पड़ते हैं सहने ,हर तीज त्योहार में अपनों की याद अकसर आ ही जातीContinue reading “” N R I का दर्द “”

” बिटिया “

वैसे तो प्रत्येक दिन बेटियों के लिए खास होता है परंतु आज के दिन की बात ही कुछ और है और आज मेरे लिए ज्यादा खास है क्योंकि आज संयोगवश मेरी बिटिया का जन्म दिवस है । अपनी बिटिया और हर एक बेटी के लिए आज की कविता मां की कलम से। बेटी है भगवानContinue reading “” बिटिया “”

” इंसान का जिस्म “

इंसान का जिस्म क्या है ?जिस पर इतराता है जहां ,बस एक मिट्टी की इमारत ,एक मिट्टी का मकां ,खून तो गारा है इसमेंऔर ईंटे है हड्डियां ,चंद सांसों पर खड़ा है ,यह ख्याली आसमां ,मौत की पुरजो़र आंधीइससे जब टकराएगी ,जितनी भी महंगी हो ये इमारत टूटकर बिखर जाएगी ।

” छोटा खोटा नहीं होता “

जरूरी नहीं आकार में छोटा जंतु कमजोर हो ,क्योंकि एक छोटी सी चींटी हाथी को कर देती है धराशाई ,जरूरी नहीं आकार में छोटा व्यक्ति कमजोर हो ,क्योंकि सचिन के बल्ले में असीम प्रतिभा है समाई ,लाल बहादुर शास्त्री जी ने नाटे होकर भीराजनीति में बनाई अलग पहचान ,छोटे कद का नेपोलियन बना सेनानायक महानContinue reading “” छोटा खोटा नहीं होता “”

” जाने क्यों “

ऐसे भी हमसे क्या कसूर होते हैं ,जिनसे प्यार हो वही हमसे दूर होते हैं ,दुनिया से क्यों करें शिकवा अब , जानेे क्यों झूठे से लगते हैं रिश्ते सब ,ऐसे भी जाने क्या मजबूरी थी ,उनकी बेवफाई से हम मशहूर होते हैं ।हाथ की लकीरों से क्या करें बंदगी ,पानी सी फिसल रही हैContinue reading “” जाने क्यों “”

” जीने की कला “

मनुष्य को चाहिए सद्भावना जागृत रखना ,अपने और परायों के दुख का ध्यान रखना ।जाने कब टूट जाए भ्रम इस जिंदगी का ,इसलिए हर किसी को अपना बना के रखना ।अपने प्रेम से लोगों के दिल जीत कर ,हर किसी को ह्रदय से लगा कर रखना ।आती है हमेशा बहार के बाद पतझड़ ,बुरे दिनोंContinue reading “” जीने की कला “”

” इंतज़ार “

शुष्क रेगिस्तान को पानी की एक बूंद का इंतज़ार ,खुश्क हुए रिश्तों को प्यार की जलधारा का इंतज़ार ,अनुर्वर धरती को बरखा की फुहार का इंतज़ार ,अवसाद से भरे ह्रदय को प्रसन्नता का इंतज़ार ,एक मां की सूनी कुक्षी को नवजीवन का इंतज़ार ,बिछड़े मित्र को मित्रता के एहसास का इंतज़ार ,अबोध कली को उत्फुल्लContinue reading “” इंतज़ार “”