” मतलब की दोस्ती “

कुछ सालों पहले क्या कभी हमने ” मतलब की दोस्ती ” जैसा शब्द सुना था ? यह आधुनिक समाज की देन है । लोग हर रिश्ते के मूल आधार को पीछे छोड़ते आ रहे हैं फिर चाहे वह कोई पारिवारिक रिश्ता हो या दोस्ती का । वह जमाना और था जब ” सुदामा और श्रीकृष्णContinue reading “” मतलब की दोस्ती “”